7 जुलाई 2021 - 18:10
हम ईंट का जवाब पत्थर से देना जानते हैं, लेकिन हमला करने में कभी पहल नहीं करते, जनरल सलामी

इस्लामी क्रांति के संरक्षक बल सिपाहे पासदारान के कमांडर जनरल हुसैन सलामी का कहना है कि हमारी रणनीति यह है कि हम अंतिम विकल्प के रूप में ही हथियार उठाते हैं।

जनरल हुसैन सलामी ने आज कुछ नये सैन्य हथियारों को थल सेना में शामिल किये जाने के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम में कहा कि आरंभ में ही दुश्मन की पराजय निश्चित है और सिपाहे पासदारान आईआरजीसी की थल सेना अंत में हथियार उठायेगी।

उन्होंने कहा कि दुश्मन को यह जान लेना चाहिये कि यह हम तय करेंगे कि युद्ध किस प्रकार का होगा, हमारी स्ट्रैटेजी रक्षात्मक होगा यानी हम युद्धप्रेमी नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि आईआरजीसी वह सेना है जो जहां भी काम करती है वहां सफल रहती है और वह भी घरेलू हथियारों के प्रयोग के कारण है। उन्होंने कहा कि ईरानी इज़्ज़त व प्रतिष्ठा को महत्वपूर्ण मानते हैं इस प्रकार से कि उन्हें इज़्ज़त और प्रतिष्ठा से पहचाना जाता है।

उन्होंने कहा कि देश, दुश्मनों के केन्द्र में रहकर सुरक्षित है वह भी शूरवीर जवानों की वजह से, क्या इस प्रकार के जवानों की मौजूदगी के साथ यह संभव है कि दुश्मन हम पर वर्चस्व जमा ले? 

अपने लक्ष्यों को सटीक भेदने वाली मिसाइलों और हेलीकाप्टरों सहित कुछ दूसरे सैन्य हथियारों को आज सेना में शामिल किया गया।